जनसेवा एवं विकास कार्य

जलागम परिषद के कार्य, सामाजिक अभियान और जनसेवा के संकल्प

वर्तमान दायित्व

उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद

अप्रैल 2025 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सौंपे गए इस दायित्व में शंकर कोरंगा जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, वर्षा आधारित कृषि और जल स्रोतों के पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा और क्रियान्वयन पर कार्य कर रहे हैं।

स्रोत: खबर पहाड़ · 4 अप्रैल 2025

जलागम परिषद के प्रमुख कार्य

जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रमुख पहल

जल एवं मृदा संरक्षण

जलागम क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण विभाग की मुख्य ज़िम्मेदारी है।

  • जल एवं मृदा संरक्षण के कार्य
  • वर्षा आधारित कृषि को प्रोत्साहन

नौले-धारों का जीर्णोद्धार

पहाड़ के पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से जीवित करने पर विशेष ध्यान।

  • धारों, नौलों व जल स्रोतों के लिए डीपीआर
  • रेखीय विभागों के साथ मिलकर उपचार

एक जनपद एक नदी

चयनित नदियों के उपचार से जलधारा और भूजल स्तर में सुधार का लक्ष्य।

  • जटा गंगा (जागेश्वर): डीपीआर स्वीकृत
  • कोसी नदी (अल्मोड़ा): दो डीपीआर प्रस्तावित

ग्राम पंचायतों से समन्वय

परियोजनाओं का लाभ गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जनसहभागिता।

  • चयनित ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों से संवाद
  • परियोजनाओं में नवाचार की पहल

स्टाफ और संसाधन

लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभाग को मज़बूत बनाने पर ज़ोर।

  • स्टाफ की कमी का शासन स्तर पर समाधान
  • लक्ष्य आधारित कार्य संस्कृति

विज्ञान और प्रशासन का समन्वय

आपदा प्रबंधन पर विश्व सम्मेलन (UCOST) के तकनीकी सत्र में सहभागिता।

  • वैज्ञानिक संस्थानों से तालमेल
  • प्रशासनिक तंत्र के साथ समन्वित कार्ययोजना

सामाजिक अभियान एवं आयोजन

हल्द्वानी क्षेत्र में चलाए गए जनजागरण और सेवा अभियान

नशे के विरुद्ध अभियान

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जनजागरण अभियान।

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मंदिर स्वच्छता अभियान

खाटू श्याम मंदिर (मुखानी) और दुर्गा मंदिर (इंदिरा नगर) सहित मंदिरों में स्वच्छता अभियान।

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गौसेवा

हल्दूचौड़ में गौमाता हॉस्पिटल के भूमि पूजन उत्सव में सहभागिता।

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राष्ट्रीय पर्व

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2024) पर हल्द्वानी में प्रभात फेरी।

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जनसेवा के संकल्प

क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रमुख प्राथमिकताएँ

स्थानीय रोजगार

प्रदेश के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार और पलायन पर रोक।

मूलभूत सुविधाएँ

बिजली, पानी और सड़क जैसी आवश्यकताओं की हर गाँव तक पहुँच।

शिक्षा

पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

स्वास्थ्य

ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ।

महिला सशक्तीकरण

स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाना।

किसान कल्याण

वर्षा आधारित और जैविक खेती से पर्वतीय किसानों की आय में वृद्धि।

क्षेत्र की समस्या या सुझाव साझा करें

जल स्रोत, सड़क, बिजली-पानी या किसी अन्य जनसमस्या के लिए सीधे संपर्क करें।