परिचय

शंकर कोरंगा – दर्जा राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ शंकर कोरंगा
1998 से भाजपा के
सक्रिय सदस्य
जीवन परिचय

शंकर सिंह कोरंगा

  • उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद
  • दर्जा राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार
  • भाजपा, हल्द्वानी (नैनीताल)

शंकर सिंह कोरंगा हल्द्वानी, जिला नैनीताल से भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। अप्रैल 2025 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें राज्य स्तरीय जलागम परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया, जहाँ वे जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन से जुड़ी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े शंकर कोरंगा ने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनेक दायित्व निभाए और 1998 में भाजपा के सक्रिय सदस्य बने। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा में नगर से प्रदेश स्तर तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया।

संक्षिप्त विवरण

पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
वर्तमान पद
उपाध्यक्ष, जलागम परिषद
क्षेत्र
हल्द्वानी, जिला नैनीताल
शिक्षा
स्नातक, एम.बी.ए.
निवास
आदर्श नगर, तल्ली बमोरी खाम

शिक्षा

  • स्नातक
  • एम.बी.ए. (MBA)

संस्कार एवं संगठन

  • बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक
  • छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के अनेक दायित्व और छात्र आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी
  • 1998 में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य

संगठन में प्रमुख दायित्व

पूरी यात्रा
  1. 2001वार्ड अध्यक्ष, भाजपा हल्द्वानी नगर
  2. 2003उपाध्यक्ष, भाजयुमो हल्द्वानी नगर
  3. 2007प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजयुमो उत्तराखंड
  4. 2010राज्यसभा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के नैनीताल जिला प्रतिनिधि
  5. 2012प्रदेश मंत्री, भाजयुमो उत्तराखंड
  6. 2025उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद

जन आंदोलन एवं संघर्ष

स्थानीय रोजगार के लिए आंदोलन

राज्य में स्थापित उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सिडकुल के अधिकारियों के विरुद्ध अनेक बार आंदोलन।

मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष

बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए क्षेत्रीय जनता के साथ आंदोलनों में सहभागिता।

न्याय के लिए जन आंदोलन

2014 में हल्द्वानी की एक वीभत्स घटना के बाद दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए जन आंदोलन में भाग लिया और लाठीचार्ज में घायल हुए।

धरना-प्रदर्शनों का नेतृत्व

2012 से 2017 तक प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हुए धरना-प्रदर्शनों और घेराव कार्यक्रमों का नेतृत्व।

मूल मूल्य एवं प्रतिबद्धताएँ

राष्ट्रभक्ति

देश और प्रदेश के विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता।

जनसेवा

जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की पहल।

न्याय

समाज के हर वर्ग को समान अवसर और न्याय दिलाने का संकल्प।

विकास

संतुलित, टिकाऊ और समावेशी विकास की दिशा में कार्य।

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